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किसानों की आय बढ़ाने पर कलेक्टर का फोकस, 198 उर्वरक दुकानों की होगी जांच

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

कोरबा, 24 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कृषि सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ जिले के अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचना चाहिए और मैदानी स्तर पर इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, प्राकृतिक खेती का विस्तार करने, किसानों को एफपीओ से जोड़ने और कृषि संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

रागी का रकबा 25 प्रतिशत बढ़ाने, रामतिल का क्षेत्र दोगुना करने का लक्ष्य

फसल क्षेत्राच्छादन और फसल विविधीकरण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने किसानों को अधिक लाभदायक एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल फसलों के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने रागी के फसल क्षेत्र में 25 प्रतिशत वृद्धि तथा रामतिल के क्षेत्र को दोगुना करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। दलहन फसलों के बीज वितरण में वृद्धि करने तथा बीज मिनीकिट का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।

जिले की सभी 198 उर्वरक दुकानों की जांच

किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर ने जिले की सभी 198 उर्वरक दुकानों की जांच के निर्देश दिए। शासकीय और निजी दुकानों की ब्लॉकवार सूची तैयार कर प्रत्येक दुकान से नमूना लेने और उसकी जांच कराने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि नमूना संकलन एवं जांच की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तीन साल में सभी किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड

कलेक्टर ने स्वायल हेल्थ कार्ड की समीक्षा करते हुए प्रत्येक वर्ष लगभग 25 हजार किसानों की मिट्टी जांच कराने का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। आगामी तीन वर्षों में जिले के सभी किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।

उन्होंने वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को किसानों के साथ लगातार संपर्क में रहने तथा बारिश के बाद निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

प्राकृतिक खेती और एफपीओ पर विशेष जोर

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने क्लस्टर रिसोर्स पर्सन से शत-प्रतिशत कार्य लेने, मैदानी अमले को प्रशिक्षण देने और किसानों से निरंतर संपर्क बनाए रखने को कहा। जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सितंबर माह तक पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।

किसान उत्पादक संगठनों यानी एफपीओ में किसानों की सदस्यता बढ़ाने के लिए सितंबर तक विशेष अभियान चलाने को कहा गया। कृषि क्षेत्र में 1200 तथा उद्यानिकी क्षेत्र में 400 एफपीओ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषक चौपाल आयोजित कर किसानों को एफपीओ से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

किसान क्रेडिट कार्ड और एग्रीस्टैक पर भी निगरानी

कलेक्टर ने नलकूप खनन, जैविक खेती प्रशिक्षण, बीज उत्पादन के लिए किसानों के पंजीयन तथा कृषक उन्नति योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दलहन एवं तिलहन फसल प्रदर्शन के लक्ष्य पूरे करने तथा कोदो-कुटकी जैसी फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। किसानों का पंजीयन 30 सितंबर तक सुनिश्चित करने को कहा गया।

एग्रीस्टैक के तहत वनपट्टाधारी किसानों के आधार नंबर, वनपट्टे में दर्ज नाम सहित आवश्यक जानकारी तहसील के माध्यम से भेजने और किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण के निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

मत्स्य और पशुधन योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एक्वा पार्क, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केज कल्चर, मत्स्य बीज वितरण और मत्स्य पालकों के प्रशिक्षण को बढ़ावा देने को कहा। मत्स्य पालकों के किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन बढ़ाने तथा जल क्षेत्र आवंटन में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

पशुधन चिकित्सा विभाग की समीक्षा में कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्यों की पूर्ति, टीकाकरण अभियान, पशु उपचार, बधियाकरण और औषधि वितरण की जानकारी ली गई। मोबाइल वेटेरिनरी वैन में लक्ष्य से पीछे चल रहे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

रेशम उत्पादन और कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की भी समीक्षा

कलेक्टर ने रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए जमीन धागाकरण के कार्य में तेजी लाने तथा इससे जुड़े लोगों को आवश्यक प्रशिक्षण देने को कहा। कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए किसानों को कृषि तकनीक, आधुनिक पद्धतियों और वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

बैठक में उप संचालक कृषि श्री देवेन्द्र सिंह कंवर, रेशम अधिकारी श्री बलभद्र सिंह भंडारी, पशुधन चिकित्सा विभाग से श्री एस.एन. मिश्रा सहित मत्स्य पालन, कृषि विज्ञान केंद्र एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

खास बात: बैठक में कलेक्टर का फोकस सिर्फ योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, फसल विविधीकरण, गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने और किसानों को संगठित कर बाजार से जोड़ने पर रहा।

 

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