कोरबा छत्तीसगढ़ पर्यावरण पॉवर सेक्टर राजकाज समस्या

HTPP की राखड़ पाइपलाइन फटी, लाखों गैलन राखड़युक्त पानी बहने का दावा; नदी-नालों के प्रदूषण का खतरा

कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा स्थित हसदेव ताप विद्युत गृह (HTPP) से जुड़ी राखड़ प्रबंधन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि संयंत्र से नवागांव-झाबु स्थित राखड़ बांध की ओर जाने वाली मुख्य राखड़ पाइपलाइन अचानक बीच रास्ते में फट गई। पाइपलाइन फटने के बाद तेज दबाव के साथ बड़ी मात्रा में राखड़युक्त पानी और गाद बाहर निकलने की बात सामने आई है।

आसपास के इलाके में फैला राखड़युक्त मलबा

पाइपलाइन में खराबी के बाद राखड़युक्त पानी और गाद आसपास के क्षेत्र में फैल गया। इससे मौके पर मटमैला मलबा जमा हो गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक राखड़ बांध की ओर जाने वाली पाइपलाइन में इस तरह की घटना से आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है।

नदी-नालों में पहुंचने का दावा

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन से निकला राखड़युक्त पानी स्थानीय नदी-नालों और बरसाती नालियों में जा मिला है। इससे पानी का रंग मटमैला होने की बात कही जा रही है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि राखड़युक्त पानी जलस्रोतों में पहुंचा है तो इससे जलीय जीवों और आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

घटना के बाद HTPP प्रबंधन की राखड़ पाइपलाइन और राखड़ बांध व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन की नियमित निगरानी और समय पर रखरखाव बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से पर्यावरण और आसपास रहने वाले लोगों को नुकसान न हो।

फिलहाल पाइपलाइन फटने से हुए नुकसान और नदी-नालों में राखड़युक्त पानी के पहुंचने की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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