आयोजन कोरबा छत्तीसगढ़ पर्व त्यौहार

दीपावली पर्व को लेकर गुलजार हुआ बाजारः सजावटी सामानों की बढ़ी मांग

कारीगर लक्ष्मी प्रतिमा और मिट्टी के दीये बनाने में जुटे

कोरबा, 1 नवम्बर। दीपावली पर्व के लिए अब एक सप्ताह का समय शेष रह गया है। इसके साथ ही कोरबा नगर से लेकर जिले के शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में त्योहार की तैयारियां तेज हो गई हैं। घरों में साफ-सफाई और रंग-रोगन का दौर शुरू हो चुका है, वहीं बाजारों में भी दीपावली की रौनक नजर आने लगी है। पूजन सामग्री से लेकर घरों को आकर्षक रूप से सजाने के लिए इस्तेमाल होने वाले डेकोरेशन आइटम की दुकानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ रही है। त्योहार को देखते हुए कारोबारियों ने भी अपनी दुकानों में विभिन्न प्रकार की सामग्री का संग्रह करना शुरू कर दिया है।

घंटाघर स्थित हेलीपैड मार्ग पर माँ शारदा पूजन सामग्री की दुकान संचालित करने वाले कृष्ण कुमार द्विवेदी ने बताया कि दीपावली में उपयोग होने वाली पूजन सामग्री के साथ ही विभिन्न धार्मिक अवसरों और अनुष्ठानों में काम आने वाली सामग्री की भी पूरी वैरायटी उपलब्ध कराई गई है। सामग्री की शुद्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया है। उनका कहना है कि ग्राहकों की पसंद और जरूरत को ध्यान में रखते हुए पूजन सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिसके कारण लोगों का रुझान उनकी दुकान की ओर बढ़ रहा है। दीपावली के अवसर पर पूजन में इस्तेमाल होने वाले कमल के फूल की मांग को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में भी इसकी खेती को बढ़ावा मिल रहा है। कुछ लोगों ने लीज पर लिए गए तालाबों में कमल के फूल की खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाया है। अच्छी पैदावार होने से इस बार दीपावली के मौके पर उन्हें बेहतर आमदनी होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर फूलों की उपलब्धता बढने के साथ ही खेती से जुड़े लोगों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिल रहा है। इधर, महाराणा प्रताप मैदान सहित शहर के विभिन्न बाजारों और उपनगरीय क्षेत्रों में दीपावली के लिए सजावटी सामानों की दुकानें सज गई हैं। रंग-बिरंगी झालर, आकर्षक लाइटिंग, आर्टिफिशियल फूल, बंदनवार, सजावटी दीप और अन्य डेकोरेशन आइटम लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। बाजार में अभी से अच्छी ग्राहकी देखने को मिल रही है।

घरों और प्रतिष्ठानों को आकर्षक रूप देने के लिए लोग अपनी पसंद के अनुसार सजावटी सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। दूसरी ओर, दीपावली के पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखने में प्रजापति समुदाय के कारीगर भी जुटे हुए हैं। उनके द्वारा मिट्टी के दीये, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं सहित विभिन्न पूजन सामग्री तैयार की जा रही है। कारीगरों को उम्मीद है कि दीपावली नजदीक आने के साथ ही मिट्टी के दीयों और प्रतिमाओं की मांग में तेजी आएगी। कुल मिलाकर दीपावली से पहले कोरबा का बाजार धीरे-धीरे त्योहार के रंग में रंगने लगा है।

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