कोरबा छत्तीसगढ़ राजकाज समीक्षा

एसईसीएल के डायरेक्टर टेक्निकल ने किया मेगा परियोजना गेवरा का दौरा, लोडिंग व डिस्पैच कार्यों की दक्षता का किया आंकलन ,निकासी कार्यों की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

कोरबा 08 अगस्त। वर्षा ऋतु में माइनिंग व कोयला निकासी कार्य चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसी परिस्थिति में सुरक्षा के अनुरूप खदानों में कार्य संपादित कराए जाने प्रबंधन के अफसर निगरानी कर रहे हैं। इस कड़ी में डायरेक्टर (टेक्निकल/ऑपरेशन्स) ने मेगा परियोजना गेवरा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कोयला निकासी कार्यों की समीक्षा की।

एसईसीएल के डायरेक्टर (टेक्निकल/ऑपरेशन्स) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार ने माइनिंग ऑपरेशन्स और कोयला निकासी की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए गेवरा ओपनकास्ट प्रोजेक्ट का दौरा किया। दौरे के दौरान उन्होंने कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) और साइलो सर्किट का निरीक्षण किया, जो फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) सिस्टम के जरिए कोयले की मशीनीकृत निकासी में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सीएचपी-साइलो कॉम्प्लेक्स के कामकाज की समीक्षा की और कोयला हैंडलिंग, लोडिंग और डिस्पैच ऑपरेशन्स की दक्षता का आंकलन किया।

डायरेक्टर ने प्रोजेक्ट अधिकारियों के साथ कामकाज की दक्षता और बढ़ाने, उपकरणों की विश्वसनीयता में सुधार करने और बिना रुकावट कोयला निकासी सुनिश्चित करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। मशीनीकृत कोयला हैंडलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर जोर देते हुए, उन्होंने प्रोजेक्ट टीम से कहा कि वे लगातार प्रोडक्टिविटी हासिल करने के लिए कामकाज में अनुशासन और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस (रोकथाम-आधारित रखरखाव) के ऊँचे स्टैंडर्ड बनाए रखें।

उन्होंने सुरक्षा और पर्यावरण के नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित, कुशल और समय पर कोयला डिस्पैच सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान एसईसीएल और गेवरा एरिया के सीनियर अधिकारी डायरेक्टर के साथ मौजूद थे।

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