कोरबा छत्तीसगढ़ राजकाज रोजगार संगठन

एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के लिए 1962 से 1985 के बीच 410.09 एकड़ भूमि अधिग्रहितः 209 प्रभावित परिवारों को मिला रोजगार

भूमि अधिग्रहण पर संसद में केंद्र सरकार ने दिए जवाब

कोरबा 07 अगस्त। एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) द्वारा किए गए भूमि अधिग्रहण को लेकर लोकसभा में पूछे गए सवाल का केंद्र सरकार ने विस्तृत जवाब दिया है। सांसद अमर राम के प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अधिग्रहित भूमि, मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े सदन में प्रस्तुत किए।

सरकार के अनुसार, कुसमुंडा विस्तार परियोजना के लिए विभिन्न चरणों में कुल 410.09 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया। यह अधिग्रहण वर्ष 1962 से 1985 के बीच अलग-अलग चरणों और लागू कानूनों के तहत हुआ। लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, अधिग्रहित भूमि के बदले 1983 और 1985 के दौरान 209 प्रभावित परिवारों को रोजगार दिया गया। वहीं, वर्ष 2022 में ग्रामीणों की शिकायतों की जांच के बाद तीन अतिरिक्त पात्र व्यक्तियों को भी रोजगार देने का निर्णय लिया गया।

सरकार ने यह भी बताया कि पुनर्वास और मुआवजे का वितरण उस समय लागू नीतियों के अनुसार किया गया था। साथ ही, संशोधित अभिलेखों के आधार पर अधिग्रहित भूमि का सत्यापन कर रिकॉर्ड सार्वजनिक किया गया है। यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब कुसमुंडा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और रोजगार को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। संसद में दिए गए जवाब ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का आधिकारिक पक्ष स्पष्ट किया है।

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