कोरबा छत्तीसगढ़ राजकाज संगठन समीक्षा सुरक्षा सेहत

पसान क्षेत्र के गांव में मिले मलेरिया पाजिटिव केस, स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट

कोरबा, 03 अगस्त। मादा एनीफिलीज के काटने से होने वाला मलेरिया लंबे समय से कोरबा जिले के दूर दराज वाले हिस्से के लिए चुनौती रखा है। जिले के अनेक ग्रामों को इस मामले में संवेदनशील श्रेणी में शामिल किया गया और विशेष निगरानी रखी गई। बारिश के मौसम में अलग-अलग कारणों से यहां मुश्किलें हैं। पोड़ी उपरोड़ा विकास खंड के पसान के कुछ हिस्सों में मलेरिया संक्रमितों के बारे में खबर मिली है। इस आधार पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हुआ है। इससे पहले कोरबा ब्लाक के कुछ गांव में प्रभावित मिले।

कोरबा जिले के सबसे बड़े विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के पसान बेल्ट में मलेरिया की उपस्थिति का पता चला। यहां के उन क्षेत्रों में मलेरिया ने अपनी पहुंच बनायी, जो पहले से ही रेड जोन में शामिल रहे। पानी से लेकर वे सभी फैक्टर इस मामले में जिम्मेदार रहे हैं, जिन्हें मलेरिया का वाहक बताया गया। पसान के विभिन्न गांव में मलेरिया पाजिटिव के केस हाल में ही सामने आये। इसके बाद विभाग हरकत में आया। शुरूआती परीक्षण के साथ ब्लड सेंम्पल में मलेरिया की पुष्टि हुई। संबंधित प्रकरणों में प्रभावितों को क्लोरोक्वीन टेबलेट के साथ खानपान में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई। पाया गया कि जहां कहीं ऐसे मामले हैं, आसपास में पानी का जमावड़ा मिला। ऐसे ही क्षेत्र में मलेरिया का लार्वा उत्पन्न होता है और यही समस्या को बढ़ाता है। खबर मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र काभ्रमण किया। प्रभावितों की जांच की। शुरूआती सुरक्षात्मक कदमों की व्यवस्था करायी गई ताकि संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके। अनिवार्य रूप से लोगों को उबला पानी का उपयोग करने के साथ बासा भोजन को व्यवहार में नहीं लाने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग यह भी पता कर रहा है कि लोगों को किन क्षेत्रों में लंबे समय से बुखार की समस्या है और वे इनके कब्जे से नहीं छूट पा रहे हैं।

स्वास्थ्य केंद्रों और डिपो होल्डर के पास पर्याप्त दवाएं
मौसम के संधि काल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में संभावित बीमारियों के उपचार के लिए दवाओं का भण्डारण कर रखा है। इसी के साथ डिपो होल्डर के पास भी यह सुविधा दी गई है। इसके अंतर्गत मलेरिया, मांसपेशियों में अकडन, उल्टी दस्त और सिर दर्द से संबंधित दवाओं और विकल्प उपलब्ध कराये गये है। विभाग ने कहा कि लोगों को समस्या होने पर उपचार पर ध्यान देना होगा।

नकिया लेमरू में देखी स्थिति
कोरबा जिले के कुछ ग्रामीण इलाके ऐसे ही जहां पर लंबे समय से मलेरिया फैलने की शिकायत रही है। इसके पीछे कई कारण को जिम्मेदार माना जाता है। विकासखंड कोरबा के दूरस्थ क्षेत्र लेमरू, नकिया में बीएमओ डॉ दीपक राज और टीम ने स्थिति का जायजा लेकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

Jhatpat News

About Author

You may also like

कोरबा छत्तीसगढ़ पॉवर सेक्टर मौसम राजकाज लापरवाही समस्या

कनकी व आसपास के गांवों में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान

’सरकार के सुशासन को ठेंगा दिखा रहे अधिकारी’ कोरबा 01 अगस्त। ग्राम कनकी और उसके आसपास के एक दर्जन से