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मलेरिया प्रभावित गांव विमलता और रफ्ता में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड़ पर , 24 घण्टे मेडिकल टीम तैनात

कोरबा 02 अगस्त। मुख्य चिकत्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के द्वारा कोरबा विकासखण्ड के मलेरिया प्रभावित क्षेत्र ग्राम विमलता और रपता में सघन निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.कुमार पुष्पेष, जिला कार्यक्रम प्रबधक पद्माकर शिंदे, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ.दीपक राज, बीपीएम व्यास कोशले उपस्थित थे।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए तैनात मेडिकल टीम द्वारा संचालित गतिविधियों का जायजा, रैपीड फीवर सर्वे, संदिग्ध मरीजों की मलेरिया किट से जॉच,स्लाईड संग्रह, आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता तथा लार्वा नियंत्रण संबंधी गतिविधियों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होने कहा कि प्रत्येक बुखार पीड़ित तथा उसके परिवार के सदस्यों का समय पर जॉंच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा मलेरिया प्रभावित क्षेत्र में स्थिति सामान्य होते तक नियमित निगरानी रखी जाए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने ग्रामीणों को बताया कि मलेरिया एक परजीवी जनित रोग है, जो संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकपी, सिरदर्द , शरीर दर्द , कमजोरी, उल्टी तथा अत्यधिक पसीना आना शामिल है। समय पर जॉंच और उपचार नहीं मिलने पर यह रोग गंभीर रोग ले सकता है।

उन्होंने बताया कि कोरबा विकासखंड के ग्राम विमलता एवं रपता में 41 मलेरिया पॉजिटिव मरीज मिलने से एहतियात के तौर पर दोनों ग्रामों में 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात कर दिया गया है। टीम के द्वारा रैपीड फीवर सर्वे किया जा रहा है। बुखार के मरीजों का मलेरिया किट से जॉंच किया जा रहा है तथा रक्त स्लाईड संग्रहण किया जा रहा है।सामान्य बुखार के मरीजो का उपचार एवं गंभीर रूप से पीड़ित मरीजो को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। मलेरिया से संबंधित दवाईयॉं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तथा स्थिति नियंत्रण में है।

उन्होने बताया कि एक मरीज को 108 एंबूलेंस के द्वारा जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है।प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र श्यांग की एंबूलेस की तैनाती की गई है जिससे आपात स्थिति में मरीजों को भेजा जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि ग्रामों में घर-घर जाकर बुखार सर्वे किया जाए तथा प्रत्येक बुखार पीडित की तत्काल मलेरिया जॉंच किया जाए तथा जॉच में पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों को समय पर पूर्ण उपचार प्रदान किया जावे।

लोगों को मच्छरदानी का उपयोग करने, घर के आस-पास साफ सफाई रखने, आसपास पानी जमा न होने देने, खाने-पीने के सामानों को ढंक कर रखने,पानी की टंकियों एवं बर्तनों को ढंक कर रखने तथा पूरी बांह के कपड़े पहनने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजनों से अपील की है कि बुखार आने पर स्वयं दवा लेने की बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में मलेरिया की जॉंच करावें। समय पर जॉंच, उपचार और जनसहभागिता से मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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